भूखे मजदूरों को जमाती बताकर लोगों को उकसाया, व्हाट्सएप का एडमिन गिरफ्तार

उत्तराखंड के उत्तरकाशी के बड़कोट में पुलिस ने एक WhatsApp ग्रुप में भूखे मजदूरों को ‘जमाती’ बताकर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने के मामले में ग्रुप एडमिन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा मजदूरों को राशन उपलब्ध न करवाने पर 3 ठेकेदारों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने वॉट्सएप ग्रुप पर अफवाह फैलाई थी कि गांव में 11 जमाती जंगल के रास्ते घुस रहे हैं, जो गांववालों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। आरोपी लोगों लिए उकसाने की कोशिश कर रहा था। वॉट्सएप पर फैलाये जा रहे सन्देश जैसे ही पुलिस और खुफिया विभाग की नज़रो में आये तो हड़कंप मच गया।

बड़कोट के थाना प्रभारी निरीक्षक डीएस कोहली ने शुक्रवार को यहां बताया कि उत्तरकाशी में राशन न मिलने पर 11 मजदूर कल जंगल के रास्ते पैदल अपने घर सहारनपुर जा रहे थे लेकिन भटककर स्यालना गांव पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि 11 संदिग्ध लोग यहां पहुचे हैं जिस पर पुलिस तत्काल चिकित्सकों के दल के साथ मौके पर पहुंची और उनकी मेडिकल जांच कराई ।

इस बीच, एक व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन ने इन मजदूरों को जमाती कह कर एक पोस्ट डाल दी जिससे क्षेत्र में अफवाह फैल गयी । इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ग्रुप एडमिन के विरुद्ध आपदा प्रबंधन कानून और भारतीय दंड विधान की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया । कोहली ने कहा कि उक्त मजदूर बंद से पहले से मजदूरी कर रहे थे और हकीकत जाने बिना अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।

पूछताछ के दौरान उन लोगों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं और उत्तरकाशी के गजोली में मजदूरी करते हैं. ठेकेदार ने उन्हें ना तो खाना दिया ना ही उनकी मजदूरी दी गई। पिछले दो दिनों से कुछ नहीं खाया है। इसलिए जंगल के रास्ते अपने घर की तरफ निकल पड़े थे।


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