कोरोना के खिलाफ लड़ाई पर डब्ल्यूएचओ ने की योगी सरकार की तारीफ

कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्रशंसा की है। इसके साथ डबल्यूएचओ ने यूपी सरकार की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग को कारगर बताते हुए दूसरे देशों को भी इसे अपनाने की नसीहत दी।

डब्ल्यूएचओ इंडिया के प्रतिनिधि डॉ. रोडेरिको टूरीन ने कहा कि बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग एक जरूरी उपाय था। ऐसे में यूपी सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग को आगे बढ़ाते हुए Covic-19 की रणनीति बनाई। जो कि अन्य लोगों के लिए एक अच्छा उदाहरण के रूप में काम कर सकती है।

यूपी संक्रामक रोग विभाग के संयुक्त निदेशक विकासेन्दु अग्रवाल ने बताया कि जुलाई से लेकर नवंबर तक आठ बार प्रदेश के सभी नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई। कोरोना वायरस का संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए 23 करोड़ आबादी को जागरूकता कार्यक्रमों की मदद से बचाव के उपाय भी बताए गए।

वहीं, 64,500 से अधिक कोविड-19 हेल्प डेस्क सरकारी कार्यालयों व निजी संस्थानों में बनाए गए। इस हेल्प डेस्क पर इन्फ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से लोगों की स्क्रीनिंग की गई। वहीं डब्‍लूएचओ के साथ मिलकर कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए यूपी के 75 जिलों में 800 चिकित्‍सा अधिकारियों की तैनाती की, जिन्‍होंने 1 से 14 अगस्‍त के बीच 58 हजार लोगों की जांच की।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की ओर से तैयार की गई 800 चिकित्‍सा अधिकारियों की प्रशिक्षित टीम ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, टेलीफोनिक साक्षात्‍कार, सर्वे और कोरोना संक्रामित मरीज के परिवार की जांच कराने के साथ उनसे लगातार सम्‍पर्क बनाए रखा. कोरोना संक्रमण के विश्लेषण के लिए राज्य कार्यालय में दैनिक डेटा एकत्र किया गया। सरकार के साथ संक्रमण की रफ्तार को लेकर नियमित समीक्षा की गई और डेटा को साझा किया गया।


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