यूपी में बीजेपी विधायक ने सदन से पूछा – ब्राह्मणों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए

2022 को होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोट को लेकर खींचतान मची हुई है। सुलतानपुर जिले का नाम बदलने का मामला उठा चुके लंभुआ सीट विधायक देवमणि द्विवेदी ने सरकार से बीते तीन वर्ष में ब्राह्मणों की ह’त्या पर जवाब मांगा है।

विधायक देवमणि द्विवेदी ने सरकार से पूछा है कि वर्तमान की भाजपा सरकार के करीब साढ़े तीन वर्ष के कार्यकाल में कितने ब्राह्मणों की ह’त्या हुई है। इन ह’त्याओं को अंजाम देने वाले कितने लोग पकड़े गए हैं। प्रदेश सरकार इनमें से कितने लोगों को सजा दिलाने में सफल रही है। ब्राह्मणों की सुरक्षा को लेकर सरकार की रणनीति क्या है। क्या ऐसी हालत में सरकार ब्राह्मणों को शस्त्र लाइसेंस देने में प्राथमिकता देगी।अभी तक इस सरकार के कार्यकाल में कितने ब्राह्मणों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया है और कितनों को लाइसेंस जारी हो गया है।

बीजेपी विधायक ने विधानसभा में नियम 56 के अंतर्गत उठाया सवाल और गृह मंत्री उत्तर प्रदेश से जवाब मांगे।  देवमणि द्विवेदी ने इस बाबत चार दिनी मानसून सत्र में जवाब को लेकर 16 अगस्त को पत्र दाखिल किया है। भाजपा विधायक ने मानसून सत्र में अपने प्रश्न का जवाब मांगने के लिए प्रमुख सचिव विधानसभा के पास अपना पत्र प्रेषित किया है।

बता दें कि द्विवेदी ने इससे पहले करीब दो वर्ष पूर्व विधानमंडल के सत्र में सुलतानपुर का नाम कुशभवनपुर करने की भी मांग की थी। उन्होंने कहा था कि इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का अयोध्या करने के बाद अब सुलतानपुर का नाम भी बदला जाना चाहिए। उन्होंने सुलतानपुर का नाम बदलकर कुशभवनपुर करने का प्रस्ताव देने के साथ तर्क भी दिया था।

विधायक देवमणि दुबे हाल ही में विधायकों के साथ पुलिस और प्रशासन के दुर्व्यवहार को लेकर भी बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर इस तरह की हरकतें नहीं रूकीं तो वे इस्तीफा दे देंगे।


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