डॉ कफील खान पर लगे रासुका की अवधि तीन महीने बढ़ी, रहना होगा जेल में

सुप्रीम कोर्ट ने डॉ कफील खान की रिहाई को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट को 15 दिनों में फैसला लेने का निर्देश जारी किया था। इसी बीच योगी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत जेल में बंद गोरखपुर के डॉ कफील खान की डिटेंशन को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया।

4 अगस्त को जारी आदेश में कहा गया कि यह निर्णय एनएसए सलाहकार बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर लिया जा रहा है, जिसका गठन सरकार द्वारा अधिनियम के तहत मामलों और अलीगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट से निपटने के लिए किया गया है।

गृह (सुरक्षा) विभाग के उप सचिव विनय कुमार द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि उनकी हिरासत के लिए पर्याप्त आधार थे। बता दें कि 13 फरवरी को परामर्श दात्री समिति और अलीगढ़ डीएम की रिपोर्ट पर कफील खान को 6 महीने के लिए एनएसए के तहत बंद किया गया था।

डॉ. कफील को हिरासत में लेने के खिलाफ उनकी मां नुजहत ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी  दाखिल की थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने डॉ कफील खान की रिहाई को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट को 15 दिनों में फैसला लेने का निर्देश जारी किया था। कफील नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भड़काऊ भाषण के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत जेल में बंद है।

एएनआई के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा कि ववह इस मामले की मेरिट पर तेजी से विचार व सुनवाई करे और 15 दिनों भीतर यह विचार करे कि डॉ कफील खान को रिहा किया जा सकता है या नहीं। गौरतलब है कि बीते 29 जनवरी को डॉक्टर कफील को यूपी एसटीएफ ने भड़काऊ भाषण के आरोप में मुंबई से गिरफ्तार किया था।


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