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अगले 24 घंटों में धरती पर आफत बनकर आ सकता है भयंकर “सोलर स्टॉर्म”

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मौसम वैज्ञानिकों ने भारत के कई जिलों में अगले 24 घंटे में भयंकर तूफान की चेतावनी दी है. खतरा इरफ तूफ़ान का नहीं है. अगले 24 घंटों में अंतरिक्ष से भी एक भयंकर तूफान धरती से टकराएगा, जिसकी वजह से सैटेलाइट्स से लेकर मोबाइल, इंटरनेट जैसी सभी सुविधाएं अस्थायी रूप से बंद हो सकती हैं. अंतरिक्ष से आने वाला ये तूफान सीधे सूरत से निकलेगा. वैज्ञानिक इसे सोलर स्टॉर्म यानी सोलर तूफान या सौर तूफान कह रहे हैं. इस भयंकर तूफान का असर दुनिया के कई देशों पर दिखाई देगा. इन देशों में से एक भारत भी है.

सौर तूफ़ान किसे कहते है

जब सूर्य की सतह पर बड़े पैमाने के विस्फोट होते हैं, जिसके दौरान कुछ हिस्से बेहद चमकीले प्रकाश के साथ असीम ऊर्जा छोड़ते हैं, जिसे सन फ्लेयर कहा जाता है. सूर्य की सतह पर होने वाले इस विस्फोट से उसकी सतह से बड़ी मात्रा में चुंबकीय ऊर्जा निकलती है, जिससे सूरज के कोरोना या सूर्य की बाहरी सतह का कुछ हिस्सा खुल जाता है. इससे ऊर्जा बाहर की ओर निकलती है, जो आग की लपटों की तरह दिखाई देती है.

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आपको बता दें कि, ये असीम ऊर्जा लगातार कई दिनों तक निकलती रहे तो इससे अति सूक्ष्म न्यूक्लियर पार्टिकल भी निकलते है. यह कण पूरी ऊर्जा के साथ ब्रह्मांड में फैल जाते हैं. जिसे सौर तूफान कहा जाता है. इस ऊर्जा में जबरदस्त न्यूक्लियर रेडिएशन होता है, जो इसे सबसे ज्यादा खतरनाक बनाता है. नासा के मुताबिक, सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ये होता है कि सूर्य की सतह पर किस दिशा में विस्फोट हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि जिस दिशा में विस्फोट होगा, उसी दिशा में न्यूक्लियर पार्टिकल लिए ऊर्जा अंतरिक्ष में ट्रेवल करेगी.


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत से निकलने वाले रेडिएशन से पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र बचाता है. धरती के गर्भ से निकलने वाली चुंबकीय शक्तियां जिससे वायुमंडल के आसपास एक कवच बन जाता है, वो इन पार्टिकल्स का रुख मोड़ देता है. लेकिन सौर तूफान के दौरान इस कवच को भेद देते हैं, जिससे पृथ्वी पर बड़ा असर होता है. यह धरती के लिए भयानक भी साबित हो सकता है.

वहीँ अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने इस सोलर तूफान को 5 श्रेणियों में बांटा है. जी-1 से लेकर जी-5 तक बांटे गए इस तूफान की जी-5 श्रेणी सबसे ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है. जी-1 का असर सबसे ज्यादा बिजली उत्पादन पर पड़ेगा. सौर तूफान के धरती के नजदीक आने से अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट भी प्रभावित होंगे. सौर तूफान से निकलने वाले चार्ज्ड पार्टिकल खुद की मैग्नेटिक वेव बनाते हैं, जिससे धरती की मैग्नेटिक वेव भी डिस्टर्ब होंगी.
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