ममता लाएगी विधानसभा में CAA के खिलाफ़ प्रस्ताव, शाह बोले – विरोध करना है करे. वापस नहीं होने वाला

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार अगले तीन-चार दिनों में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित करेगी।

ममता ने मीडिया से कहा, “हम तीन महीने पहले एनआरसीए के खिलाफ भी प्रस्ताव पारित कर चुके हैं। अगले तीन-चार दिनों में हम सीएए के खिलाफ भी प्रस्ताव पारित करेंगे।’ वहीं दूसरी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘मैं आज डंके की चोट पर कहने आया हूं कि जिसको विरोध करना है करे, CAA वापस नहीं होने वाला है।’

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने धार्मिक रूप से उत्पीड़ित शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने के लिए कानून बनाया है, लेकिन विपक्ष इसके खिलाफ खड़ा है. भारत आने वाले शरणार्थियों में 70 फीसदी दलित हैं और जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं वो लोग दलित विरोध हैं।

गृहमंत्री ने कहा, ‘देश में भ्रम फैलाया जा रहा है, दंगे कराए जा रहे हैं, आगजनी फैलाई जा रही है, यह धरना प्रदर्शन, यह विरोध, यह भ्रांति एसपी-बीएसपी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस फैला रही है। इसमें किसी की नागरिकता छीनने का कोई प्रावधान नहीं है। इस बिल के अंदर नागरिकता देने का प्रावधान है।’

उन्होने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्षों से प्रताड़ित लोगों को उनके जीवन का नया अध्याय शुरू करने का मौका दिया है जब देश आजाद हुआ, कांग्रेस के पाप के कारण धर्म के आधार पर भारत मां के दो टुकड़े हो गए। 16 जुलाई 1947 को कांग्रेस पार्टी ने प्रस्ताव पास करके धर्म के आधार पर विभाजन को स्वीकार किया।


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