CAA और NRC के खिलाफ दलित संगठनों का 24 जनवरी को महाराष्ट्र बंद का एलान

देश भर में नागरिकता संशोधन और प्रस्तावित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन कानून को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दलित संगठनों ने 24 जनवरी को महाराष्ट्र बंद का एलान किया है।

मुंबई में वंचित बहुजन अघाड़ी द्वारा बुलाई गई एक बैठक में 35 से अधिक संगठन शामिल हुए। इस बैठक में नागरिकता संशोधन और प्रस्तावित नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन कानून के खिलाफ लड़ाई और तेज करने का फैसला लिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए प्रकाश अंबेडकर ने केंद्र के नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज आरएसएस, एनआरसी और सीएए के माध्यम से देश मे एक नया सिस्टम लाना चाहती है। आरएसएस कभी बराबरी कि बात नही करती है, यह हमेशा से गैर-बराबरी की विचारधारा पर काम करती आयी है और आज ये एक विचारधारा की लड़ाई है।

अंबेडकर ने कहा कि आज देश के युवाओं के साथ वह हो रहा है जो पिछले 70 सालो में कभी नही हुआ। उन्होंने कहा कि आज देश की आर्थिक स्तिथि अंधकार में है, देश बैंकरप्सी की ओर बढ़ रहा है और ये सरकार उस पर ध्यान न देकर सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर देश को गुमराह कर रही है। पीएम मोदी देश के युवाओं के भविष्य के साथ खेल रहे हैं।

प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि सीएए और एनआरसी देश की जनता को मूल मुद्दों से भटकाने के लिए लाया गया है। हम इसके सख्त खिलाफ हैं और 24 तारीख को हम और हमारे सहयोगी संगठनों ने महारष्ट्र में बंद का एलान किया है। 24 जनवरी को हम बड़े पैमाने पर सीएए और एनआरसी के खिलाफ पूरे महाराष्ट्र में प्रदर्शन करेंगे।