राहुल गांधी ने लॉकडाउन को बताया फ़ेल, बोले – कोरोना अब तो तेजी से फैल रहा

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए  कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो महीने पहले कहा था कि हम 21 दिन में कोरोना वायरस को हरा देंगे, लेकिन अब 60 दिन बाद हमारे देश में कोरोना वायरस तेजी से बढ़ रहा है और लॉकडाउन को हटाया जा रहा है।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा है कि लॉकडाउन के चारों चरण फेल रहे हैं। पीएम मोदी को बताना चाहिए की उनकी आगे की रणनीति क्या है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि जो होना था वह नहीं हुआ। देश को मालूम होना चाहिए कि सरकार की क्या रणनीति है। लॉकडाउन को लागू हुए करीब 60 दिन पूरे हो चुके हैं। लेकिन ये महामारी घटने के बजाय दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर परेशान हैं। सरकार उनकी परेशानियों और मुसीबतों को कैसे दूर करेगी? राहुल गांधी ने कहा कि उन्‍होंने कहा कि हिंदुस्‍तान पहला ऐसा देश है जो बीमारी के बढ़ते वक्‍त लॉकडाउन खत्‍म कर रहा है। राहुल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी शुरुआती वक्त में फ्रंटफुट पर खेलते हुए दिखे, लेकिन अब वो बैकफुट पर हैं। लेकिन पीएम को फिर फ्रंटफुट पर आना होगा।

कांग्रेस नेता बोले कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो पैकेज में ऐलान किया है, उससे कुछ नहीं होने वाला है। सरकार में बैठे लोगों में डर है कि अगर गरीबों को ज्यादा पैसा दिया, तो बाहर के देशों में गलत संदेश जाएगा। राहुल ने कहा कि भारत की शक्ति ये गरीब हैं, ऐसे में बाहर की चिंता नहीं करनी चाहिए।

मजदूरों की समस्या को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि आज मजदूर कह रहे हैं कि हमारा भरोसा टूट गया, ये शब्द किसी को नहीं कहने चाहिए क्योंकि देश में किसी का भरोसा नहीं टूटना चाहिए। सरकार अभी भी मजदूरों की मदद कर सकती है और हर मजदूर के खाते में 7500 रुपये दे सकती है।

राहुल गांधी ने कहा, ”पैकेज के बारे में कई प्रेस कॉन्फ्रेंस हुईं, हमें बहुत उम्मीदें थीं। पीएम ने कहा कि यह जीडीपी का 10% होगा। वास्तविकता यह है कि ये जीडीपी के 1% से भी कम है और उसमें भी ज्यादातर लोन है, नकद नहीं।” उन्होंने कहा, ”मजदूर भाई-बहनों, MSMEs की मदद कैसे करोगे? ये राजनीति नहीं है, बल्कि मेरी चिंता है। बीमारी बढ़ती जा रही है, इसलिए ये सवाल मैं पूछ रहा हूं।”


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