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Monday, November 29, 2021

दंगो से दुखी होकर राजनीति से संन्यास लेना चाहते थे बाबुल सुप्रियो

कोलकाता– रामनवमी के बाद से पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्‍थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने अपने पद से इस्‍तीफा देने और राजनीति से संन्‍यास लेने की पेशकश की. लेकिन नरेन्द्र मोदी ने उन्हें सलाह की वह राजनीति छोड़कर ना जाएँ. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह के बाद उन्‍होंने अपना मन बदल लिया है. इस बात की जानकारी बाबुल सुप्रियो ने खुद ट्वीट करके दी.

बाबुल सुप्रियो ने कहा क‍ि पीएम मोदी ने उन्‍हें संन्‍यास लेने की बजाय तुष्टीकरण को बढ़ावा देने वाली पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार से मुकाबला करने की सलाह दी. इसी के साथ उन्होंने ने सोमवार को सिलसिलेवार तरीके से किए कई ट्वीट में पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर जमकर बरसे.

राजनीति से होने लगी थी नफरत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रियो ने कहा कि,ममता बनर्जी किसी भी तरह से सत्‍ता में बने रहना चाहती हैं. तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष रहे ही नहीं. मुंबई और दिल्‍ली में मैं बहुत अच्छी जिंदगी बिता रहा था लेकिन राजनीति में आने के बाद यहां मुझे मानवता की बजाय अल्‍पसंख्‍यक और बहुसंख्‍यक का सामना करना पड़ रहा है.


सुप्रियो ने आगे कहा कि, “मैं जानता हूं कि मैं एक नोबेल मिशन के लिए काम कर रहा हूं. संगीत के कारण कई मुस्लिम मेरे दोस्त बने जो इस बात से सहमत हैं कि ममता बनर्जी के तुष्टीकरण की राजनीति ने समाज में काफी गहराई तक बंटवारा कर दिया है. मुस्लिम और हिंदू दोनों ही आग से खेल रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि, हम-तुम फिल्‍म के टाइटल सांग के लिए गलत तरीके से फिल्‍म फेयर नहीं दिए जाने पर मैं दो बार अजमेर शरीफ गया था. इसे भी इसलिए अब सांप्रदायिक बताया जा रहा है क्‍योंकि वह तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ खड़े हुए हैं. मुझे हिंदुओं के लिए लड़ने वाला बताया जा रहा है.

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