भूमि पूजन पर कमलनाथ-दिग्विजय के बयानों की कांग्रेस सांसद ने की आलोचना

नई दिल्ली: कांग्रेस के लोकसभा सदस्य टीएन प्रतापन (TN Pratapan) ने अयोध्या में भूमि पूजन से पहले और बाद में आए कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बयानों की आलोचना की। इस सबंध में उन्होने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को भी पत्र लिखा।

उन्होने अपने पत्र में कहा कि कांग्रेस ‘अति धार्मिक राष्ट्रवाद’ के पीछे नहीं भाग सकती। उन्होने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा द्वारा राम मंदिर को लेकर जो रुख अपनाया गया है वो ‘स्वीकार्य’ है क्योंकि उन्होंने एकता की बात की। कांग्रेस सांसद ने कहा, ‘‘कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया बहुत खराब थी। कांग्रेस का रुख भाजपा के हिंदुत्व के रुख का समर्थन करना नहीं है।”

प्रतापन ने कहा, ‘‘मेरा नाम प्रतापन है, मैं भी हिंदू हूं। मैं भगवान की अराधना करता हूं। मैं अक्सर भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर जाता हूं और उनका आशीर्वाद लेता हूं, लेकिन हम उस हिंदुत्व का समर्थन नहीं कर सकते जो भाजपा और आरएसएस का है।”

प्रतापन ने पत्र में कहा, ‘‘हम अति धार्मिक राष्ट्रवाद के पीछे इसके नरम स्वरूप के साथ भाग नहीं सकते। हमें इस हालात का अहसास करना चाहिए और तत्काल विकल्प को स्वीकार करना चाहिए। यह एकता, सौहार्द और सहिष्णुता की राजनीति की विरासत पर आधारित होना चाहिए।”

बता दें कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी यही इच्छी थी कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बने। प्रियंका गांधी ने भी बयान जारी कर कहा, स‍बके दाता राम हैं। यह आयोजन भारत में दोस्ती और भाईचारे के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता का उत्सव हो सकता है।

वहीं कमलनाथ ने कहा था कि ‘राजीव गांधी जी ने 1985 में मंदिर निर्माण की शुरुआत की थी। 1989 में शिलान्यास किया था। राजीव जी की वजह से आज राम मंदिर का सपना साकार हो रहा है। आज राजीव जी होते तो यह सब देखते। हम राम मंदिर निर्माण के लिए प्रदेश की जनता की तरफ से 11 चांदी की ईंटें भेज रहे हैं। इन्हें कांग्रेस सदस्यों के दान से खरीदा गया है। यह एक ऐतिहासिक दिन (कल) है जिसके लिए पूरा देश इंतजार कर रहा था। हनुमान चालीसा का पाठ राज्य के लोगों के कल्याण के लिए किया गया था।’


    देश के अच्छे तथा सभ्य परिवारों में रिश्ता देखें - Register FREE