बिहार की रजिया सुल्तान ने पहली मुस्ल‍िम महिला DSP बनकर रचा इतिहास

हाल में ही घोषित किए गए बिहार लोक सेवा आयोग की 64वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के नतीजों से मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर है। दरअसल, इस बार परीक्षा में कुल 88 मुस्लिम उम्मीदवारों ने कामयाबी हासिल की है। इनमे से एक रजिया सुल्तान ने बिहार की पहली मुस्ल‍िम महिला DSP बनकर इतिहास रच डाला।

रजिया सुल्तान बिहार में मुस्लिम समुदाय की पहली महिला हैं, जो बिहार पुलिस में डीएसपी बनेंगी। बिहार में गोपालगंज जिले के हथुआ की रहने वाली रजिया सुल्तान वर्तमान में बिहार सरकार के बिजली विभाग में सहायक अभियंता के पद पर तैनात हैं।

उन्‍होंने स्‍कूल की पढ़ाई झारखंड में बोकारो से पूरी की, जहां उनके पिता मोहम्‍मद असलम अंसारी बोकारो स्‍टील प्लांट में स्‍टेनोग्राफर के तौर पर कार्यरत थे। 2016 में उनका निधन हो गया। उनकी मां अभी भी बोकारो में रहती हैं। रजिया एक भाई और छह बहनों सहित सात भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं।

उनकी पांच बहनों की शादी हो चुकी है और उसका भाई एमबीए करने के बाद झांसी में नौकरी कर रहा है।  रजिया बोकारो से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद जोधपुर चली गईं, जहां से उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक किया।

रजिया सुल्तान ने कहा “मैं एक पु’लिस अधिकारी के रूप में सेवा करने के लिए बहुत उत्साहित हूं। कई बार लोगों को न्याय नहीं मिलता है, खासकर महिलाओं को। महिलाएं पु’लिस को उनके खिलाफ अप’राध की किसी भी घटना की रिपोर्ट करने से कतराती हैं। मैं इस तरह के मामलों को सुनिश्चित करने की कोशिश करूंगी।

उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय में लड़कियों की शिक्षा की कमी पर भी चिंता व्यक्त की और माता-पिता से अपने सपनों को पूरा करने के लिए बच्चे का समर्थन करने की अपील की।