एससीओ सम्मेलन में पीएम मोदी – UN ने 75 साल पूरे किए लेकिन मूल उद्देश्य अब भी अधूरा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) मंगलवार को रूस में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की वर्चुअल बैठक में शामिल हुए। समिट की अध्यक्षता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की। बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल थे।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि यूनाइटेड नेशन ने अपने 75 साल पूरे किए हैं। लेकिन संयुक्त राष्ट्र का मूल उद्देश्य अभी अधूरा है। महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहे विश्व की अपेक्षा है कि यूएन की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन जाए। हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है कि परिवर्तन ही एकमात्र स्थिरता है।

पीएम मोदी ने कहा, भारत का मानना है कि कनेक्टिविटी को और अधिक गहरा करने के लिए यह आवश्यक है की एक दूसरे की संप्रभुता और टेरीटोरियल इंटीग्रिटी के सम्मान के मूल सिद्धातों के साथ आगे बढ़ा जाए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अभूतपूर्व महामारी के इस अत्यंत कठिन समय में भी भारत के फार्मा उद्योग ने 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाएं भेजी हैं। उन्होंने भरोसा दिया कि दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में भारत अपनी वैक्सीन उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग इस संकट से लड़ने में पूरी मानवता की मदद करने के लिए करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत एससीओ चार्टर में निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार, एससीओ के तहत काम करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहा है परन्तु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इसके एजेंडे में बार-बार, अनावश्यक रूप से, द्विपक्षीय मुद्दों को लाने के प्रयास हो रहे हैं। यह एससीओ चार्टर और ‘शंघाई स्पिरिट’ का उल्लंघन करते हैं। इस तरह के प्रयास एससीओ को परिभाषित करने वाली सर्वसम्मति और सहयोग की भावना के विपरीत हैं।’’


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