केंद्र की राज्यों को लिखी चिट्ठी – विदेशों से लौटने वाले 15 लाख लोगों की नहीं हुई कोई जांच

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉक डाउन जारी है। लेकिन इसी बीच केंद्र की चिट्ठी ने राज्यों की परेशानी बढ़ा दी है। दरअसल, कैबिनेट सेक्रेटरी ने विदेश से लौटे 15 लाख से अधिक लोगों की सूचना साझा करते हुए इन पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

उन्होने अपनी चिट्ठी में लिखा, 15 लाख लोग विदेश से लौटे हैं और सबकी ना ही जांच हुई है ना ही उनकी निगरानी की गई है। गृह मंत्रालय के अप्रवासीय ब्यूरो ने विदेश से लौटे 15 लाख से अधिक लोगों की सूचना साझा की है और बताया कि यात्रियों की वास्तविक संख्या में और जिनकी निगरानी की जानी चाहिए थी, उनकी संख्या में अंतर है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने कई बार राज्यों को इस बात के लिए आगाह किया है कि राज्यों में विदेश से लौटे लोगों पर निगरानी की जाए और उन्हें चिन्हित कर उनकी जांच की जाए।

कैबिनेट सचिव ने एक पत्र में कहा, “यह गंभीरता से कोविद -19 के प्रसार को रोकने के हमारे प्रयासों को खतरे में डाल सकता है, क्योंकि भारत में अब तक Covid -19 के  अधिकांश पॉजिटिव मामले वाले लोग विदेश यात्रा से लौटे हैं। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में अबतक कुल कोरोना सें संक्रमित लोगों की संख्या 724 हो गई है। जबिक 66 मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। जबकि इसके चलते अबतक 18 लोगों की मौ’त हो गई है।

वहीं ज्‍वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमित लोगों के इलाज के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में पब्लिक सेक्‍टर यूनिट (पीएसयू) को 10 हजार वेंटिलेटर मुहैया कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही भारत इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स लिमिटेड (BEL) को अगले 1-2 महीने में 30 हजार वेंटिलेटर खरीदने के आदेश दिए गए हैं। ऐसे में इनकी संख्‍या 40000 हो जाएगी।

ज्‍वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल के मुताबिक देश की 1.4 लाख कंपनियों ने सरकार की अपील पर अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी है। उन्‍होंने जानकारी दी कि देश में नेशनल टेलीमेडिसिन गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इसके मुताबिक अपने घरों में मौजूद डॉक्‍टर भी मरीजों को सेवाएं मुहैया करा सकते हैं। हम देश के लोगों से आग्रह करते हैं कि वे इसका लाभ उठाएं।


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