कपड़े देखकर मुस्लिमों की गिरफ्तारी? दिल्ली पुलिस के VIDEO हुआ वायरल

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता कानून को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन पर कहा था कि आग लगाने वालोंं के कपड़े देखकर पता चल जाता है कि ये कौन लोग हैं।

झारखंड के दुमका की रैली में पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस पार्टी अपनी सहयोगियों के साथ मिल कर हंगामा कर रही है। उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिला तो आगजनी में लग गए। जो लोग हिंसा फैला रहे हैं वे अपने कपड़े से ही पहचाने जा सकते हैं।

इस बीच, सोशल मीडिया पर एक Video वायरल हुआ है। जिसमे दिल्ली पुलिस यूपी भवन के पास गुजर रहे लोगों को उनके कपड़े और हुलिये के आधार पर हिरासत में ले रही थी। हालांकि इन लोगों को कुछ देर थाने में रखने के बाद छोड़ दिया गया।

वीडियो में दिख रहा है कि, कुछ पुलिसवाले एक बुजुर्ग मुस्लिम शख्स को जिप्सी (पुलिस की गीड़ी) में बैठाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, पहले से जिप्सी में बैठी एक महिला पुलिसवालों से कहती सुनाई दे रही है कि, ‘क्यों लेकर जा रहें है आप चाचा को, छोड़ दीजिए आप उनको, वो उतने बुजुर्ग है, आप छोड़ दीजिए चाचा को।’ इस पर पुलिस कहती सुनाई दे रही- ‘उन्हें चाय पिलाने ले जा रहे हैं’।

यूपी वेस्ट यूथ कांग्रेस ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “मानवीयता को शर्मसार करती दिल्ली पुलिस, यूपी भवन के बाहर से गुजर रहे एक बुजुर्ग को उसके हुलिए के आधार पर पुलिस ने हिरासत में लिया, गिरफ्तार छात्रा के सबाल करने पर दिल्ली पुलिस के जवान ने कहा हम इन्हें चाय पिलाने थाने ले जा रहे है। अघौषित आपातकाल लागू?”