बेटियों पर FIR को लेकर बोले मुनव्वर राणा – शाह ने भी निषेधाज्ञा का किया उल्लंघन, मुकदमा क्यों नहीं?

लखनऊ के घंटाघर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ मुस्लिम महिलाओं के प्रदर्शन को रोकने के लिए यूपी पुलिस ने FIR दर्ज की। पुलिस ने शायर मुनव्वर राणा की दो बेटियों समेत प्रदर्शन कर रही सेकड़ों महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। बेटियों पर FIR दर्ज किए जाने पर शायर मुनव्वर राना ने सवाल उठाते हुए पूछा कि गृहमंत्री पर कब केस दर्ज होगा। उनकी रैली भी तो निषेधाज्ञा का उल्लंघन है।

उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान अगर राम, नानक और चिश्ती का मुल्क है तो शाह के खिलाफ भी मुकदमा होना चाहिए। तब हम समझेंगे कि हमारी सरकार और पुलिस इंसाफ कर रही है। राना ने कहा कि अगर सरकार की नजर में शाह की रैली करना जायज है तो जाहिर है कि पुलिस की कार्रवाई नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (NRC) का विरोध कर रही उनकी बेटियों और तमाम मुस्लिम महिलाओं तथा लड़कियों के साथ नाइंसाफी है।

उन्होंने कहा कि यह तो वही हुआ कि जब किसी शहर में कोई “शाह” आता है तो फकीरों के बेटे—बेटियां बंद कर दिए जाते हैं। राना ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटियों से कहा है कि मुकदमे से डरने की कोई जरूरत नहीं है। “कबीले में हमारे चाहे नींद हो या मौत, वह मकतल (वध स्थान) में आती है, कबीले में हमारे कोई आंगन में नहीं मरता।”

बता दें कि पुलिस ने सीआर पीसी की धारा 144 के उल्लंघन के लिए तीन प्राथमिकी दर्ज कीं। महिलाओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर में से एक के अनुसार, पुलिस ने आरोप लगाया कि सुमैय्या राणा और फौजिया राणा (मुनव्वर राणा की दोनों बेटियां) और दो अन्य महिलाएं घंटाघर पर मौजूद थीं और एक महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया।

पुलिस ने उन्हें धारा 188 (सरकारी आदेशों की अवहेलना) और धारा 353 (सार्वजनिक कर्तव्यों से बचने वाले लोक सेवक) के तहत दर्ज किया है। बहरहाल इन मुश्किलों के बावजूद महिलाएं और बच्चे वहीं पर बैठे रहे और उनका प्रदर्शन अब भी जारी है।


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