Home राष्ट्रिय मंदिर-मस्जिद में बजने वाले लाउडस्पीकर पर HC ने सरकार से पूछा यह...

मंदिर-मस्जिद में बजने वाले लाउडस्पीकर पर HC ने सरकार से पूछा यह सवाल

66
SHARE

इलाहाबाद- हाईकोर्ट ने मोदी सरकार से धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकर और उससे हो रहे ध्वनि प्रदूषण व विवादों के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से पूछा है कि आखिर धर्म स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाना क्या जरूरी है?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुझाव मांगते हुए सरकार से कहा है कि मन्दिर-मस्जिद क्या लाउडस्पीकर बजाना जरूरी है ? वहीँ हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा क्यों ना किया जाए कि उस समुदाय विशेष के लोगों के घरों में छोटे-छोटे स्पीकर लगा दिए जाएं ताकि दूसरे समुदाय के लोगों को अन्य समुदाय के धार्मिक संवाद ना सुनने पड़े और साथ ही स्पीकर की ध्वनि से होने वाले ध्वनि प्रदूषण की समस्या से भी निजात मिल सके.

आपको बता दें कि, हिघ्कोउर्ट के इस सवाल के पीछे की वजह अमरोहा की मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाने के लिये प्रशासन ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति लेने की नोटिस दी थी और लगे लाउडस्पीकर को हटाने के लिए कहा था. इस पर अमरोहा के जुम्मेद खां ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति लेने वाली नोटिस की वैधता को चुनौती दी गयी.

इस मामले की सुनवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि मंदिर और मस्जिदों पर लाउडस्पीकर बजाना क्यों जरूरी है? कोर्ट ने इस मामले में सरकार से अपना सुझाव देने को कहा है और साथ ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड व मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड को नोटिस भेजकर उनका पक्ष रखने को कहा गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशासन की इजाज़त के बिना अब मंदिर मस्जिद पर लाउडस्पीकर नहीं बजाए जा सकते. लाउडस्पीकर बजाने के लिए स्थानीय प्रशासन की अनुमति लेना ज़रूरी है. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी लेने की भी ज़रूरत होती है.