Home राष्ट्रिय हिंदुओ से मिला प्यार तो मुस्लिमों ने दी परेशानी- कलबे सादिक़

हिंदुओ से मिला प्यार तो मुस्लिमों ने दी परेशानी- कलबे सादिक़

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नई दिल्ली । अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर पूरे देश में चर्चा शुरू हो गयी है। 14 मार्च को सप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले लगभग सभी पक्षकार इस मुद्दे का हल ढूँढने में लगे हुए है। उनके अलावा कुछ अन्य दिग्गज भी अपनी तरफ़ से पहल कर रहे है। यही कारण है की कुछ दिन पहले श्री श्री रविशंकर के यहाँ यह मुद्दा सुलझता नज़र आया। लेकिन आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड ने उस पहल से क़दम पीछे खींचते हुए कहा कि मस्जिद न शिफ़्ट हो सकती है और न ही गिफ़्ट की जा सकती है।

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अब AIMPB के उपाध्यक्ष कलबे सादिक़ ने इस मुद्दे का हाल सुझाया है। उन्होंने कहा कि वहाँ मंदिर ज़रूर बनना चाहिए लेकिन विधा का मंदिर। उन्होंने हिंदुओ की तारीफ़ करते हुए कहा की हिंदुओ ने मुझे हमेशा से प्यार दिया है जबकि मुस्लिमों ने परेशानी। बाराबंकी में एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उन्होंने उपरोक्त विचार रखे। इस दौरान उन्होने अयोध्या विवाद पर बोलने की शुरुआत जय राम से की।

उन्होंने कहा,’ यह विवाद जब लोग सुलझाना चाहेंगे तो खुद-ब-खुद सुलझ जाएगा। और अगर नहीं चाहेंगे तो कबी नहीं सुलझे सकता लेकिन इस विवाद को अब सुलझा देना चाहिए। वहाँ मंदिर ज़रूर बनना चाहिए लेकिन विधा का मंदिर। मदरसों की शिक्षा से ज्यादा बेहतर मॉडर्न एजुकेशन है। हम जब एजुकेशन की बात करते हैं तो हमारी मुराद होती है मॉडर्न एजुकेशन, न की धार्मिक एजुकेशन। धार्मिक एजुकेशन भी जरूरी है, लेकिन मॉडर्न एजुकेशन जरूरी है।’

शिया धर्म गुरु ने आगे कहा,’ आप मस्जिद जरूर बनाएं लेकिन क्रिश्चन से सीखें। क्रिश्चन का जहां चर्च होता है उससे जुड़ा एक स्कूल जरूर होता है। लेकिन हमारे यहां कितनी मस्जिदें हैं जहां एजूकेशनल इंस्टीट्यूट हैं। मुझे मुसलमानों से प्रॉब्लम आयी है। हिन्दुओं से कभी कोई प्रॉब्लम नहीं आयी। हिन्दुओं ने मुझे हमेशा इज्जत और प्यार दिया है। मुसलमानों से पूछिए कि दीन क्या है, धर्म क्या है। तो वह कहेंगे नमाज पढ़ना, रोजे रखना, हज करना। ये सब धार्मिक प्रथाएं हैं, दीन नहीं है।’

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