कश्मीर पर डोनाल्ड ट्रंप ने की मध्यस्थता की पेशकश, जो कुछ भी कर सकता हूं करूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में साझा प्रेस वार्ता की। इस दौरान कश्मीर मध्यस्थता को लेकर बयान है। ट्रंप ने कहा कि कश्मीर दो देशों का मामला है, यदि जरूरत पड़ी तो हम मध्यस्थता करेंगे। मुझे मध्यस्थता करने में मुझे खुशी होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और पीएम नरेंद्र मोदी दोनों से ही मेरे रिश्ते अच्छे हैं। कश्मीर पर मध्यस्थता के लिए मैं जो कुछ भी कर सकता हूं मैं करूंगा।’

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ अमेरिका आगे भी काम करने को इच्छुक है। उन्होंने कहा कि नशे के व्यापार के खिलाफ लड़ने के लिए अमेरिका भारत के साथ है। ट्रंप ने कहा, भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी को बढ़ाएंगे. कहा कि, दोनों देशों के बीच जो समझौते हुए वो काफी अहम हैं।

उन्होंने कहा, हमने 5जी दूरसंचार प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत में स्थिति पर चर्चा की है। ट्रंप ने कहा कि ‘हमने तीन अरब डॉलर के रक्षा समझौतों को अंतिम रूप दिया है। हम कट्टरपंथी इस्लामी आतंक’वाद से निपटने में सहयोग करने को सहमत हुए हैं। व्यापक व्यापार सौदा करने पर फोकस था।’

वहीं विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, हमने यह साझा किया कि जम्मू-कश्मीर में सकारात्मक विकास हुआ है। हाल ही में हमारे पास जम्मू-कश्मीर में जाने वाले राजदूतों के दो समूह हैं, जिनमें भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर भी शामिल हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति से बातचीत में सीएए, एनआरसी और धार्मिक स्‍वतंत्रता का मुद्दा उठने के सवाल पर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा, बातचीत में सीएए का मुद्दा नहीं उठा। दोनों ओर से इसकी प्रशंसा की गई कि बहुलतावाद और विविधता दोनों देशों का एक सामान्य बंधन कारक है।


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