देश की सबसे बड़ी अदालत से विजय माल्या के केस से जुड़े दस्तावेज हुए गायब

देश से 9,000 करोड़ रुपये का घोटाला कर फरार हुए शराब कारोबारी विजय माल्या के केस में अब नया मोड आ गया है। देश की सबसे बड़ी अदालत से विजय माल्या (Vijay Mallya) की फाइल से जुड़े जरूरी दस्तावेज गायब हो गए।

दरअसल, माल्या ने चार करोड़ डॉलर अपने बच्चों के खातों में स्थानांतरित करने के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराने वाले न्यायालय के 2017 के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। इस मामले की सुनवाई आज इसलिए स्थगित कर दी गई क्योंकि एक दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं था।

शीर्ष अदालत ने जून में अपनी रजिस्ट्री को यह बताने का निर्देश दिया था कि माल्या की पुनर्विचार याचिका पिछले तीन साल से संबंधित न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध क्यों नहीं की गयी। न्यायालय की रजिस्ट्री को उन अधिकारियों के नामों समेत सभी जानकारियां देने का निर्देश दिया गया था जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में पुनर्विचार याचिका से संबंधित फाइल संभाली।

न्यायालय ने 2017 का आदेश भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह की याचिका पर दिया था। इसमें कहा गया था कि माल्या ने ब्रिटिश कंपनी डिएगो से मिले चार करोड़ डॉलर अपने बच्चों को कथित तौर पर दिए जो विभिन्न न्यायिक आदेशों का ‘घोर उल्लंघन’ है।

गौरतलब है कि बंद पड़े किंगफिशर एयरलाइंस (Kingfisher Airlines) के मालिक विजय माल्या पर देश के 17 बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपये बकाया है। लेकिन माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन भाग गया। माल्या अभी ब्रिटेन में ही रह रहा है।


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