भारत-नेपाल विवाद के बीच चीन ने लिपुलेख दर्रे के पास तैनात किए 2000 सैनिक

देहरादून: चीन की सेना ने उत्तराखंड सीमा पर अपनी गतिविधियां बढ़ाई हैं। चीन ने लिपुलेख पास पर पहले एक हजार से अधिक जवानों की तैनाती की थी जिसे अब बढ़ाकर 2 हजार कर दिया। बता दें कि लिपुलेख को लेकर भारत और नेपाल के बीच पहले से ही सीमा विवाद चल रहा है।

इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि लिपुलेख में चीन ने मिसाइल तैनात करने के लिए साइट का निर्माणकार्य शुरू कर दिया है। इस दावे को अब सामने आईं सैटलाइट तस्वीरों से बल भी मिल रहा है। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस detresfa ने सैटलाइट तस्वीरें जारी की हैं। इन तसवीरों में इस बारे में खुलासा हुआ है।

तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि लिपुलेख पास में ट्राई- जंक्शन एरिया में चीन ने न सिर्फ सैन्य तैनाती की है बल्कि मिसाइल के ठिकानों के निर्माणकार्य की तैयारी भी कर रहा है। वहीं, दूसरी ओर चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने पैंगॉन्ग सो और गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स इलाके में फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाने शुरू कर दिए हैं।

चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के तीन सेक्टरों – पश्चिमी (लद्दाख), मध्य (उत्तराखंड, हिमाचल) और पूर्वी (सिक्किम, अरुणाचल) में सैनिकों, तोपों और ब़ख्तरबंद गाड़ियों को भी तैनात किया है। चीन ने पूर्वी लद्दाख में अपने सैनिकों को पीछे हटाने की प्रतिबद्धता पर भी कोई काम नहीं किया है।

बता दें कि लिपुलेख पास वही इलाका है जहां से भारत ने मानसरोवर यात्रा के लिए नया रूट बनाया है। लिपुलेख में 17,000 फीट की ऊंचाई पर भारत कैलाश मानसरोवर के लिए सड़क का निर्माण कर रहा है। जिसका नेपाल ने विरोध किया और बदले में पिछले दिनों इस क्षेत्र को अपना बताते हुए एक नया राजनीतिक मानचित्र जारी किया। जिसमे कालापानी, लिपुलेख और लिम्पयाधुरा को अपना बताया गया है।


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