बॉम्बे हाई कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को दी राहत, दोनों FIR पर लगाई रोक

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को राहत देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को उनके खिलाफ दर्ज दो FIR पर रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति उज्जल भुयान और न्यायमूर्ति रियाज चागला की खंडपीठ ने कहा कि “उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मुकदमा नहीं बनता।” पीठ ने आदेश दिया कि अर्नब के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। पीठ ने 12 जून को याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित रखा था।

पालघर में दो साधुओं सहित तीन लोगों की ह’त्या पर आधारित टीवी शो में सोनिया गांधी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने और साम्प्रदायिकता फैलाने के आरोप को लेकर देशभर के कांग्रेस शासित राज्यों में एक दर्जन से अधिक एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

गोस्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और मिलिंद साठे ने प्रस्तुत किया था कि एफआईआर राजनीति से प्रेरित थी और महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आवाज़ उठाने के परिणाम स्वरूप दर्ज की गई थी।

महाराष्ट्र राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत प्रेस की स्वतंत्रता में सांप्रदायिक प्रचार करने का अधिकार शामिल नहीं है।

खंड पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्राथमिक तौर पर गोस्वामी के खिलाफ कोई अपराध नही बनता है और उनका इरादा समाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने या हिंसा भड़काने का नहीं था। गोस्वामी की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि अंतिम सुनवाई होने और याचिका के निपटारे तक बलपूर्वक कोई कार्रवाई न करे।


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