CAA-NRC विवाद के बीच RTI में खुलासा – BMC के पास नहीं 1947 के जन्म पंजीकरण का रिकॉर्ड

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (एनआरसी) को लेकर विरोध-प्रदर्शन के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने अपने जवाब में कहा कि 1947 का जन्म पंजीकरण का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं।

दरअसल, भारत के पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त शैलेष गांधी ने सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत अपने जन्म प्रमाण पत्र की जानकारी मांगी थी। लेकिन बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने अपने उत्तर में कहा कि 1947 का जन्म पंजीकरण का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। लिहाजा जन्म प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है।

पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त ने ट्वीट कर बताया, ‘मुझको अपनी नागरिकता सिद्ध करने की चिंता हो रही है। मैंने अपने जन्म प्रमाण हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहा। बीएमसी मेरे जन्म का सबूत नहीं खोज पाई है।’ उन्होंने अपने ट्वीट के साथ बीएमसी द्वारा अक्टूबर 2019 में भेजे गए जवाबी लेटर को भी साझा किया। इसमें बीएमसी ने शैलेष गांधी से कहा कि उनका जन्म रजिस्टर नहीं है।

एक मीडिया चैनल से बातचीत में शैलेष गांधी ने कहा, ‘जब मुझको बीएमसी का उत्तर मिला, तो मैं आश्चर्यचकित रह गया कि मुंबई जैसे स्थान में मुझे अपना प्रमाण पत्र नहीं मिल सका, तो उन लोगों का क्या होगा, जो अनाथ हैं या खानाबदोश हैं या फिर किसी हादसे में उनके दस्तावेज खो गए हैं? उन्होंने कहा कि एनआरसी के साथ सीएए नहीं होता तो सबको परेशानी उठानी पड़ती। यदि सीएए लाए बिना एनआरसी लाया जाता, तो काफी संख्या में लोग बाहर हो जाते। सीएए के आने से मुस्लिमों को दिक्कतें उठानी पड़ेगी।


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