3500 करोड़ से ज्यादा के बैंकिंग घोटाले का खुलासा, CBI ने की जांच शुरू

सरकारी बैंकों को 3592.48 करोड़ रुपये की चपत लगाने का मामला सामने आया है। जिसके बाद सीबीआई ने फ्रॉस्ट इंटरनेशनल और उसके निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

सीबीआई ने मंगलवार को 13 स्थानों पर कंपनी के वर्तमान और पूर्व निदेशकों से जुड़ी परिसंपत्तियों पर छापेमारी की। सीबीआइ ने कंपनी, उदय जे. देसाई व सुजय देसाई समेत पांच निदेशकों, आठ गारंटर समेत 15 लोगों पर बैंक से धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही बैंक अधिकारियों और अज्ञात को भी आरोपित बनाया गया है।

कर्ज देने वाले बैंकों के कंसोर्टियम (बैंक ऑफ इंडिया) ने पांच महीने पहले सीबीआइ को मामला रेफर किया था। मंगलवार को सीबीआइ की तीन सदस्यीय टीम बैंक ऑफ इंडिया की बिरहाना रोड स्थित मुख्य शाखा पर पहुंची। कार्रवाई इतनी गोपनीय थी कि कुछ देर तक बैंककर्मी भी सीबीआइ छापे का अनुमान नहीं लगा सके। टीम ने शाखा प्रबंधक से हीरा कारोबारी उदय देसाई की कंपनी फ्रॉस्ट इंटरनेशनल के लोन संबंधी दस्तावेज मांगे।

अधिकारियों ने कहा कि बैंक का आरोप है कि निदेशकों ने बैंक ऑफ इंडिया के अगुवाई वाले ऋणदाता बैंकों के समूह को भुगतान करने में चूक की है। उन्होंने कहा कि कंपनी और उसके निदेशकों, जमानतदारों और अन्य अज्ञात लोगों ने फर्जी दस्तावेज जमा किए और बैंक से ली गई पूंजी की हेराफेरी कर उसे दूसरी जगह भेज दिया। अधिकारियों ने कहा कि कंपनी और उसके निदेशकों ने बैंक समूह के साथ 3,592.48 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है।

वहीं बैंक ने आरोप लगाया है कि आरोपी कंपनी कानपुर की है जिसका मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में रजिस्टर्ड दफ्तर है। यह कंपनी मर्चेंट ट्रेडिंग और ​तमाम वस्तुओं के आयात और निर्यात का काम करती है। इस कंपनी के सप्लायर और खरीदार चीन, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, कंबोडिया, अमेरिका, सउदी अरब, स्विटजरलैंड और ताइवान आदि कई देशों में हैं।

आरोप है कि इस कंपनी ने बैंक ऑफ समेत 14 सरकारी बैंकों से संयुक्त रूप से करीब 4061.95 करोड़ रुपये की क्रेडिट सुविधा हासिल की थी। कंपनी ने अपने व्यवसाय से अलग बाहरी पक्षों को असुरक्षित ऋण बांटे और अग्रिम भुगतान देकर बैंकों के फंड को कथित तौर पर डायवर्ट कर दिया। कंपनी के बिक्री और खरीद की कीमतों में भिन्नताएं पाई गई हैं और कुछ गैर मर्चेंट ट्रेडिंग पार्टियों को भी भुगतान किया गया है जो कहीं पर भी मौजूद नहीं हैं।


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