मां को दफ’नाने के दो घंटे बाद ही ड्यूटी पर लौटे सैनिटाइजर प्रभारी अशरफ

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देशभर में लॉकडाउन जारी है। इस महामारी से निपटने के लिए सैनिटाइजर भी अपनी बड़ी भूमिका अदा कर रहे है। जिसकी बड़ी मिसाल में सैनिटाइजेशन की जिम्मेदारी संभाल रहे अशरफ अली ने पेश की है।

दरअसल, अशरफ अली की 67 वर्षीय मां नूरजहां का बुधवार सुबह निधन हो गया। दोपहर में उन्हें सुपुर्दे खाक करने के दो घंटे बाद ही शाम को वे अपने काम पर लौट आए। वरिष्ठ अफसरों को जब मालूम पड़ा तो उन्होंने अशरफ अली को घर की जिम्मेदारी संभालने को कहा, लेकिन अशरफ ने कह दिया कि ‘यह जिम्मेदारी ज्यादा बड़ी है।’ मूल रूप से जलकार्य विभाग के कर्मचारी अशरफ पिछले कुछ सालों से सीवेज वाहनों के प्रभारी हैं।

अशरफ ने कहा, ‘मेरी मां दुनिया से जा चुकीं, उनके जाने के बाद देश है, उसे बचाने के लिये काम करना जरूरी समझा। सुबह 8.05 मिनट पर मुझे खबर लगी, मैं दो बजे पहुंचा। मैं रास्ते में ही था तब खबर आई घर में सब चिल्लाए भी लेकिन काम तो काम है। वो मां थीं, आज देश है उनको देखना मेरी जिम्मेदारी बनती है।’

सड़क हादसे में हाथ की हड्डी टूटी, कॉलरबोन में तकलीफ है, बावजूद एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम से जुड़े इरफान भी काम पर लौट आए। ऐसे कर्मचारियों के लिये भोपाल नगर निगम के कमिश्नर बी विजय दत्ता कहते हैं, ‘इस मुश्किल दौर में नये हीरो बने हैं… अशरफ जी की मां का निधन हुआ लेकिन उन्होंने कर्तव्य को प्राथमिकता दी हम कोशिश करते हैं उनसे प्रेरणा लें।’

सफाई का सुपरविजन कर रहे जयप्रकाश खरे कहते हैं कि सफाई-कर्मियों से बोला है कि वे सफाई के साथ अपना भी ख्याल रखें। निगम के एडिशनल कमिश्नर राजेश राठौर कहते हैं कि लोग अपने स्तर पर सफाई का ख्याल रखें व कर्मियों को चाय-पानी उपलब्ध कराएं।


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