मन की बात में पीएम मोदी ने मांगी माफी, बोले – लॉकडाउन से परेशानी लेकिन ये जरूरी था

नई दिल्ली: कोरोनावायरस के चलते हुए देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भारी संख्या में बिहार, उत्तर प्रदेश और अपने गृहराज्य को निकले मजदूरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी रविवार को सुबह 11 बजे से मन की बात कार्यक्रम को संबोधित किया और माफी मांगी।

प्रधानमंत्री ने संवेदना जताते हुए कहा कि लोगों की परेशानी के लिए वह देशभर की जनता से माफी मांगते हैं। पीएम मोदी ने कहा, ‘दुनिया के हालात देखने के बाद लगता है कि आपके परिवार को सुरक्षित रखने का यही एक रास्ता बचा है। बहुत से लोग मुझसे नाराज भी होंगे कि ऐसे कैसे सबको घर में बंद कर रखा है। आपको जो असुविधा हुई है, इसके लिए क्षमा मांगता हूं।

उन्होने कहा, ये एक ऐसा वायरस है जो ना गरीब को छोड़ रहा है और ना संपन्न को। ना ही ज्ञान देख रहा और ना ही विज्ञान। ये वायरस इंसान को समाप्त करने की जिद करके बैठा है इसलिए इस बीमारी और इसके प्रकोप से शुरू में ही लड़ना चाहिए। पीएम ने कहा, ‘कुछ लोगों को लगता है कि वो लॉकडाउन का पालन करके सिर्फ दूसरों की मदद कर रहे हैं। ये भ्रम पालना सही नहीं है। ऐसा करने आप अपनी और अपने परिवार की मदद कर रहे हैं। आपको लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी है। जो लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं उनको समझना चाहिए दुनिया में बहुत से लोग भी इस तरह की खुशफहमी में थे।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हमारे जो फ्रंटलाइन सोल्जर हैं उनसे आज हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ से हमें सीखने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि कोरोना को हराने वाले साथियों से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है।

पीएम ने इसबार मन की बात में कोरोनावायरस से जंग जीत चुके लोगों से भी बात की और उन्हें कहा कि वह आगे आएं और देशवासियों को बताएं कि यह लड़ाई है जिससे डरना नहीं है। पीएम ने इस दौरान हैदराबाद के आईटी सेक्टर के गंपा से बात की वहीं आगरा में एक ही परिवार के पांच लोगों के संक्रमित हो चुके मिस्टर कपूर से भी बात की।


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