लॉकडाउन पर बोले अमित शाह – हमने तो बहुत किया लेकिन मीडिया ने नहीं बताया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों के एक राज्य से दूसरे राज्य जाने को लेकर कहा कि सरकारों ने एक करोड़ 20 लाख लोगों को देश के एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचाया है। अमित शाह ने कहा कि 63 लाख श्रमिकों ने ट्रेनों से यात्रा की है और 42 लाख मजदूर बसों से अपने-अपने घर पहुंचाए गए हैं।

न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में अमित शाह से सवाल किया गया कि लॉकडाउन के दौरान गरीब प्रवासी मजदूरों के लिए कुछ नहीं किया गया और उन्हें पलायन को मजबूर होना पड़ा और अब सरकार की तरफ से आत्मनिर्भर भारत, गरीब कल्याण योजना आदि का ऐलान किया जा रहा है?

इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि “मुझे लगता है कि सरकार के प्रयासों को मीडिया ने नहीं दिखाया। जिस दिन से लॉकडाउन हुआ, उसी दिन मैंने और प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों के सीएम से बात की कि फैक्ट्रियां बंद हैं तो मजदूरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की जाए। इस दौरान 2.5 करोड़ मजदूरों के खाने पीने की व्यवस्था की गई। जिसके लिए सरकार ने एनडीआरएफ द्वारा 11 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी।”

गौरतलब है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने मार्च के आखिरी में देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया था। इसके बाद कई राज्यों से प्रवासी श्रमिक अपने-अपने राज्यों के लिए पैदल ही निकल पड़े थे। इसके बाद सरकार ने एक मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, जिससे श्रमिकों को उनके राज्यों तक पहुंचाया गया है।

राजधानी में कोरोना के हालत पर अमित शाह ने कहा कि हाल के दिनों में दिल्ली में काफी कुछ किया गया है, जिससे अभी हालात ठीक हैं। दिल्ली में कोरोना के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन की बात से अमित शाह ने इंकार किया है। अमित शाह ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के उस दावे को भी नकार दिया, जिसमें सिसोदिया ने जुलाई के अंत तक दिल्ली में कोरोना के 5.5 लाख केस होने की बात कही थी।

अमित शाह ने कहा कि पहले दिल्ली में आइसोलेशन बेड की कीमत 24-25 हजार रुपए थी, जिसे अब घटाकर 8-10 हजार रुपए कर दिया गया है। आईसीयू बेड के रेट भी 44-54 हजार से घटाकर 15-18 हजार कर दिए गए हैं। अमित शाह ने ये भी बताया कि दिल्ली में टेस्टिंग की संख्या बढ़ा दी गई है और लोगों के घर घर जाकर रोजाना टेस्ट किए जा रहे हैं। कंटेनमेंट जोन में हर घर के सर्वेक्षण का काम भी शुरू कर दिया गया है।

अमित शाह ने बताया कि 14 जून को दिल्ली में 9937 कोरोना बेड थे, जो कि 30 जून को बढ़कर 30 हजार हो जाएंगे। रेलवे कोच के रुप में 8000 बेड उपलब्ध हैं और 8000 और जोड़े जा सकते हैं। डीआरडीओ 250 आईसीयू बेड का कोविड अस्पताल तैयार कर रहा है। वहीं आईटीबीपी राधा स्वामी सत्संग व्यास में 10 हजार बेड का कोविड सेंटर का संचालन कर रहा है।


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