कल से खुलेगा सुल्तान ए हिंद का दरबार, जियारत में नियमों का रखना होगा ध्यान

अजमेर स्थित विश्वप्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह को 7 सितम्बर से जियारत के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि इस दौरान जायरीनों के मजार पर पर फूल, चादर समेत अन्य सामग्री चढ़ाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा भी कोरोना गाइडलाइंस के तहत कई नियमों का भी पालन करना होगा।

जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि दरगाह में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत सभी रस्में अदा होंगी। सोशल डिस्टेंसिंग का नियमों का पालन हो सके, इसके लिए जगह-जगह निशान बनाए गए हैं। साथ ही सेनिटाइजेशन मशीन की व्यवस्था की गई है। दरगाह जाने वाले लोगों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। दरगाह के मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होगी। दरगाह में आने वाले हर शख्स को नियमों का पालन करना होगा।

वहीं आज दिल्ली की हजरत निजामुद्दीन दरगाह को मार्च के बाद से आज खोल दिया गया है। रविवार सुबह 5 बजे से दरगाह को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। दरगाह में आने वाले लोगों को कई नियमों का पालन करना हो गया। सरकार के गाइडलाइंस के मुताबिक, दरगाह में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। मास्क लगाया अनिवार्य होगा, वहीं लोगों को कम से कम 4 फीट की दूरी का पालन करना होगा। दरगाह में गाडइलाइंस का पालन हो सके इसलिए जगह जगह सोशल डिस्टेंसिंग के निशान बनाये गये है।

वहीं हाथ सेनिटाइज करने के लिए मशीने लगाई गई है। जबकि दरगाह आने वाले लोगों का मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। दरगाह के मौलवियों ने कहा कि दरगाह में आने वाले लोगों को 15 मिनट से अधिक समय तक रुकने नहीं दिया जाएगा। वहीं यह सुनिश्चित करेंगे की कम से कम भीड़ हो ज्यादा लोग हो जाने पर दरगाह को सेनिटाइज भी किया जाएगा। दरगाह आने वाले लोगों को बताया जाएगा कि किसी प्रकार का कोई सामान न लाये न ही किसी प्रकार का कोई बैग।

दरगाह प्रबंधन ने एक बयान में कहा है कि अंदर बैठने या प्रतीक्षा की अनुमति नहीं । दरगाह के इंचार्ज सईद अदीब निजामी ने बताया, सरकार की गाइडलान्स के मुताबिक ही दरगाह के अंदर इंतजाम किए गए हैं। दरगाह में आने वाले हर शख्श को नियमों का पालन करना होगा।


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