मॉनसून सत्र में पेश होंगे 23 अहम बिल, सर्वदलीय बैठक में बोले पीएम मोदी – सार्थक बहस के लिए है तैयार

सोमवार से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। जिसमे 33 दलों के 40 से अधिक नेताओं ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष के लोगों सहित सभी प्रतिनिधियों के सुझाव बहुत मूल्यवान हैं।

उन्होने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का सुझाव महत्वपूर्ण होता है और बहस काफी मायने रखती है. इसलिए सार्थक और स्वस्थ चर्चा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि नियम के मुताबिक हमलोग हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार हैं। बैठक में पीएम मोदी और जोशी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल मौजूद थे।

पीएम मोदी ने बैठक के बाद अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, मॉनसून सत्र से एक दिन पहले सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लिया। हम लोग उम्मीद करते हैं कि इस सत्र में प्रोडक्टिव बातचीत होगी। जिस तरह आज की बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की परंपरा के अनुसार लोगों से जुड़े सभी मुद्दे सौहार्दपूर्ण ढंग से उठाना चाहिए और सरकार को भी सही तरीके से चर्चा के दौरान अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।

बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी भी शामिल हुए। टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन, डीएमके के तिरुचि शिवा, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव और बसपा के सतीश मिश्रा सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता भी मौजूद थे।

इसी बीच  मायावती ने कहा कि विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए और केंद्र सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा, “तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के प्रति सरकार की उदासीनता बहुत दुखद है।” मायावती ने कहा कि बसपा सांसद ईंधन और रसोई गैस की कीमतों, महंगाई और कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित मामले संसद में उठाएंगे। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पार्टी के सांसदों को संसद के मानसून सत्र में देश और लोगों के लाभ से जुड़े मामलों को उठाने का निर्देश दिया है।”