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देखें विडियो : आज भी सऊदी का यह प्रसिद्द शहर है प्राचीन सभ्यताओं का खजाना

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सौजन्य से-अल अरेबिया

सऊदी अरब जो की तेल और रेगिस्तानों के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन क्या आप जानते हैं सऊदी अरब प्राचीन सभ्यताओं के लिए और प्राचीन धरोहरों के लिए भी मशहूर है. सऊदी अरब का दक्षिण पश्चिमी शहर अल उला प्राचीन काल में अहम कारोबारी ठिकाना हुआ करता था. यह शहर पुरातत्व संबंधी अवशेषों से भरा पड़ा है.आज वर्ल्ड न्यूज अरेबिया आपको अल उला-जिसे की सऊदी अरब में प्राचीन सभ्यताओं का खजाना- भी कहा जाता है, के बारे में बताएगा.

जानिए इस शहर का इतिहास 

अल उल शहर प्राचीन उत्तरी अरेबियाई राजवंश लिहयान की राजधानी था. 2000 साल पुराना ये शहर रेगिस्तान से घिरा हुआ है और पत्थरों का एक खंडहर सा नजर आता है और अपनी धरोहर के लिए यह काफी प्रसिद्द है.  हरान शिलालेख के मुताबिक बेबिलोनिया का आखिरी राजा नाबोनिडस ने 552 ई.पू.तायमा,देदान (पुराना लिहयान)और यातरिब(वर्तमान की मदीना)को जीतने के लिए एक सैन्य अभियान का नेतृत्व किया था. कई सौ साल बाद लिहयान ने नाबातियन का शासन चला,जब तक कि रोम ने उसकी राजधानी पेट्रा पर हमला नहीं कर दिया. इसके बाद नाबातियन हेग्रा चला गया,जिसे अब मादा-इन सालेह के नाम से जाना जाता है.

सौजन्य से-अल अरेबिया

ये अल उला से 13 मील दूरी पर स्थित है. कहा जाता है कि यहां 630 में टाबुक की लड़ाई में बीजान्टिन सेना को एकजुट करने के लिए पैगंबर हजरत मुहम्मद ने नेतृत्व किया था. इसके बाद 13वीं सदी में अल उला एक प्रमुख केंद्र बन गया,जिसके बाद इसकी प्राचीन इमारतों को नया शहर बसाने के लिए दोबारा इस्तेमाल किया जाने लगा और इसके बाद ही इसके पास एक नया शहर बसा दिया गया.


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(विडियो/अल अरेबिया)

सौजन्य से-अल अरेबिया

शहर के टूटे फूटे मकान 

अल उला शहर टूटे- फूटे मकानों के लिए मशहूर है. सऊदी अरब के इस अल-उला शहर को मध्यपूर्व के भुतहा कस्बे के तौर पर जाना जाता है,जो अरब के प्राचीन शहरों में से एक है. 1983 में इस कस्बे में रहने वाले आखिरी परिवार ने भी इसे छोड़ दिया था. इसके बाद से लगभग 30 साल से भी ज्यादा समय से ये शहर वीरान पड़ा है.अल उला के पास ही मदा इन में भी एक आर्कियोलॉजिकल साइट है. यह 2008 से यूनेस्को विश्व धरोहर है. सन 2000 में यहां प्राचीन काल की 111 कब्रें मिलीं. कब्रों को चट्टान काटकर उसके भीतर बनाया गया था.

सौजन्य से-अल अरेबिया

सऊदी अरब को अब इस शहर से पर्यटन के जरिये सुर्खियाँ बटोरने की उम्मीद है , क्योंकि सऊदी सरकार ने अब पर्यटन वीजा जारी करने की अनुमति दे दी है और यह प्राचीन धरोहरों में एक है तो यह शहर जरुर दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना रहेगा.

सौजन्य से-अल अरेबिया