हज अदायगी को लेकर सऊदी सरकार ने बदले नियम वैसे ही कम हो गए आवेदन

कोविड गाइड लाइन के तहत सऊदी अरब सरकार के नियमों में बदलाव करने से इस बार हज के लिए आवेदन करने वालों की संख्या कम हो गई है। आवदेन की बढ़ी तिथि ख’त्म होने के बाद भी इसमें खास इजाफा नहीं हुआ।

हज कमेटी ऑफ इंडिया के स्थानीय सदस्यों के अनुसार वाराणसी से अब तक 120, जबकि पूरे पूर्वांचल से करीब एक हजार आवदेन आए हैं। यह पिछले वर्ष के कोटे से पांच गुना कम है। कमेटी के लोगों के अनुसार इस वर्ष का कोटा अभी तय नहीं हुआ।

वाराणसी से हर साल आठ सौ से एक हजार लोग हज के लिए आवेदन करते थे। पिछले साल करीब आठ सौ से अधिक लोगों ने आवेदन किया था। सेंट्रल हज कमेटी के पूर्व सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि इस बार हज के लिए करीब 20 प्रतिशत आवेदन हुए हैं।

सऊदी सरकार के नए नियमों के मुताबिक मक्का में अब एक कमरे में पांच की बजाय तीन लोगों को ठहरने की अनमुति होगी। सोशल डिस्टेंसिंग के कारण बसों में भी लोगों की संख्या सीमित की जाएगी और एक ग्रुप में तीन लोग होंगे। वीजा के लिए 300 रियाल यानी करीब छह हजार रुपये अतिरिक्त लिए जाएंगे।

इसके अलावा गंभीर रूप से बीमा’र लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को हज की अनुमति नहीं होगी। इन सब बदलाव से इस बार हज के खर्च में करीब एक लाख रुपये की बढ़ोतरी होगी। इस बार प्रतिव्यक्ति खर्च करीब चार लाख रुपये हो सकता है, जबकि पिछले साल तीन लाख रुपये था।