राम मंदिर भूमि पूजन का हुआ अमेरिका के टाइम्स स्क्वायर पर हुआ विरोध

5 अगस्त को एक तरफ प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन कर रहे थे। तो दूसरी तरफ सात समुंदर पार अमेरिका में इस भूमि पूजन का विरोध हो रहा था। भारी तादात में प्रदर्शनकारी अमेरिका के टाइम्स स्क्वायर पर प्रदर्शन कर रहे थे।

इस मौके पर न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल के सदस्य डैनियल ड्रोम ने कहा “अफसोस की बात है कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में दूर-दराज के चरमपंथियों ने विशेष रूप से मुस्लिमों को गिराने और बदनाम करने के लिए लिया है। मैं किसी भी व्यक्ति या समूह पर उनके विश्वास के कारण किसी भी हमले की निंदा करता हूं और अपने जिले में और भारत में मेरे मुस्लिम भाई-बहनों के साथ खड़ा हूं।” वे गरिमा और मानव अधिकारों के लिए लड़ते हैं।”

न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल के एक अन्य सदस्य ब्रैड लैंडर ने कहा,हम सभी की इस्लामोफोबिया के खिलाफ बोलने की जिम्मेदारी है, चाहे वह हमारे देश से आता हो, या यहां तक ​​कि हमारे अपने समुदाय से भी हो।

हालांकि इससे पहले, अयोध्या में राम मंदिर  भूमि पूजन के समारोह को मनाने के लिए टाइम्स स्क्वायर पर भीड़ एकत्र हुई थी। इस दौरान इन लोगों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से पहले भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर जश्न मनाया। यह जश्न अमेरिकी भारतीय सार्वजनिक मामलों की समिति (एआईपीएसी) द्वारा आयोजित किया गया था।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में भूमि पूजन के बाद अपने संबोधन में कहा कि ये मंदिर आधुनिकता का प्रतीक बनेगा। ये मंदिर हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा, करोड़ों लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा।

उन्होंने कहा कि भगवान राम दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया सहित दुनिया के विभिन्न देशों में आज भी पूजनीय हैं। श्रीलंका में श्रीराम की कथा जानकी हरण के नाम से सुनाई जाती है। ऐसे कई देश हैं जहां की आत्मा और अतीत में राम किसी न किसी रूप में रचे बसे हैं।


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