इस्लामाबाद में हिंदू मंदिर के निर्माण से जुड़ी बाधा खत्म, हाईकोर्ट ने दी मंजूरी

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में पहले हिंदू मंदिर के निर्माण से जुड़ी आपत्तियों को खारिज कर कृष्ण मंदिर के निर्माण कार्य को जारी रखने की मंजूरी दे दी है।

वकील चौधरी तनवीर की याचिका को रद्द करते हुए फैसले में कोर्ट ने कहा कि यह जमीन इस्लामाबाद हिंदू पंचायत को साल 2017 में श्मशानघाट के लिए अलॉट हुई थी और आर्टिकल 20 के तहत उक्त जगह में संबंधित धर्म के लोग कुछ भी बना सकते हैं जो उनके धर्म अनुसार है।

हालांकि निर्माण के लिए कैपिटल डेवेलपमेंट अथॉरिटी की मंजूरी जरुरी है, जो उक्त पंचायत के पास नहीं है। उन्हें यह मंजूरी लेनी होगी। अदालत ने इस बात को खारिज कर दिया और कहा कि भूमि उपयोग के बारे में फैसला करने का अधिकार सीडीए का है। सीडीए ने पिछले हफ्ते कानूनी कारणों का हवाला देते हुए भूखंड पर चारदीवारी बनाने का काम रोक दिया था।

इससे पहले, सोमवार को अदालत ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। योजना के मुताबिक राजधानी के एच-9 प्रशासनिक संभाग में 20,000 वर्गफुट के भूखंड पर कृष्ण मंदिर बनना है। मंदिर का भूमि पूजन हाल में मानवाधिकार मामलों पर संसदीय सचिव लाल चंद माल्ही ने किया था।

दरअसल, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद ने मंदिर निर्माण को ‘‘इस्लाम की भावना के खिलाफ’’ बताते हुए, इसका विरोध किया है। याचिकाकर्ताओं ने मंदिर निर्माण तथा राजधानी विकास प्राधिकरण (सीडीए) की ओर से इस्लामाबाद में भूमि आवंटन को निरस्त करने की मांग की।


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