श्रीलंका के बुर्का बैन पर भड़का ओआईसी, दे डाली बड़ी चेता’वनी

अंतरराष्ट्रीय कानूनों को दरकिनार कर श्रीलंका की कैबिनेट द्वारा राष्ट्रीय सु’रक्षा आधारों का हवाला देते हुए मुस्लिम महिलाओं के पूरे चेहरे वाले कपड़े पहनने पर लगाए प्रति’बंध की 57 देशों के समूह इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) ने कड़ी आलोचना की है।

इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के स्वतंत्र स्थायी मानवाधिकार आयोग ने कहा कि कानून मुस्लिमों की मनमानी बंदी की अनुमति देगा जो बिना किसी कानूनी निगरानी के मानवाधिकारों के उ’ल्लंघन के अधीन होंगे। यह प्रति’बंध “नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतर्राष्ट्रीय वाचा में गारंटीकृत धर्म की स्वतंत्रता के अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लं’घन करता है।”

आयोग ने प्रतिबंध पर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के उपायों से मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लं’घन होगा। साथ ही इस तरह के “प्रमुख बयानबाजी और भेदभावपूर्ण उपाय बहुलवाद के आदर्शों के विपरीत हैं, और सामाजिक सामंजस्य के प्रति प्रतिकारक हैं।”

आयोग ने श्रीलंकाई सरकार से आग्रह किया कि वह अपने मुस्लिम अल्पसंख्यक के अधिकारों की रक्षा करके अपने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के दायित्वों को पूरा करे। ऐसा धर्म को किसी भी जबरदस्ती या भेदभाव से मुक्त करके ही किया जा सकता है।

आयोग ने श्रीलंकाई मुस्लिम समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से आग्रह किया कि वे घरेलू अदालतों सहित सभी उपलब्ध घरेलू उपचारों का उपयोग करें, जिसे भेदभावपूर्ण कानूनों के रूप में वर्णित किया जाए।