अवैध घुसपैठ रोकने को कहा तो नेपाल ने दिया जवाब – इलाका हमारा तो घुसपैठ कैसी

कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख समेत 395 वर्ग किलोमीटर के भारतीय इलाके को जबरन अपना बताकर नक्शे में शामिल करने के बाद अब नेपाल इन इलाकों में अवैध घुसपेठ कर रहा है। जब इस पर भारत की और से रोक लगाने की कोशिश की गई तो उल्टा नेपाल ने इन इलाकों में घुसपैठ को वैध बताया।

जानकारी के अनुसार, पिथौरागढ़ जिले की बॉर्डर तहसील धारचूला के एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने आशंका जताते हुए कि कुछ नेपाली संगठन भारत के लिम्पियाधूरा, लिपुलेख और कालापानी में अवैध घुसपैठ की फिराक में है। इस सबंध में एक पत्र नेपाल के दार्चुला जिला के प्रमुख जिला अधिकारी को लिखा था।

जिसके जवाब में नेपाल के धारचुला इलाके के मुख्‍य जिला अधिकारी शरद कुमार ने अपने पत्र में दावा किया कि कालापानी, ल‍िपुलेख और लिम्पियाधुरा नेपाली इलाके हैं। शरद कुमार ने कहा कि सुगौली संधि के आर्टिकल 5, नक्‍शे और ऐतिहासिक साक्ष्‍यों के आधार पर कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख नेपाली क्षेत्र है।

शरद कुमार ने कहा कि भारत इन इलाकों में नेपाली लोगों के प्रवेश पर रोक नहीं लगाए। उन्‍होंने कहा कि चूंकि ये नेपाली इलाके हैं तो वहां पर नेपाली नागरिकों का जाना स्‍वाभाविक है। हालांकि अब धारचूला के एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने इन खबरों को “फर्जी” बताया कि उन्होंने इस मामले में नेपाल के अधिकारियों को पत्र लिखा था।

बता दें कि भारत के साथ सीमा गतिरोध के बीच नेपाल ने अपने नए नक्शे में लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल ने अपने क्षेत्र में दिखाया है। इस नए नक्‍शे में नेपाल ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा के कुल 395 वर्ग किलोमीटर के भारतीय इलाके को अपना बताया है। भारत ने नेपाल के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए नए नक़्शे को मंजूर करने से इनकार किया है और कहा है की यह सिर्फ राजनीतिक हथियार है जिसका कोई आधार नहीं है।


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