कुर्सी नजर आई खतरे में तो नेपाली पीएम ने भारत पर निकाली भड़ास

भारत के तीन क्षेत्रों लिंपियाधुरा, महाकाली और लिपुलेख को अपने विवादित नक्शे में शामिल कर एक के बाद एक भारत के खिलाफ कदम उठा रहे नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कुर्सी खतरे में आ गई है। ऐसे में उन्होने एक बार फिर से भारत पर भड़ास निकालना शुरू कर दी है।

केपी शर्मा ओली ने कहा “हमने नक्शा सही किया है। हमने इसे संवैधानिक रूप दिया। उसके बाद आपने सुना होगा कि प्रधानमंत्री सप्ताह या 15 दिन में बदल रहे हैं। आपने भारतीय मीडिया और बुद्धिजीवियों के बारे में सुना होगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत का राज्य तंत्र आश्चर्यजनक रूप से सक्रिय है।” दूतावास में सक्रियता बढ़ी है।

मदन भंडारी की 69 वीं जयंती के अवसर पर काठमांडू में बोलते हुए ओली ने कहा, “आपने सुना होगा कि प्रधानमंत्री सप्ताह या 15 दिन में बदल रहे हैं। आपने भारत की बौद्धिक बहसों के बारे में सुना होगा। भारत का मोदीतंत्र कैसे सक्रिय है?’’ ओली ने ये भी कहा कि जब वो पिछली बार प्रधानमंत्री थे तब भी चीन के साथ व्यापार और पारगमन समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद उन्हें हटा दिया गया था।

उन्होंने कहा कि अब जब नेपाल अपनी जमीन वापस लाने की कोशिश कर रहा है तो फिर से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “नेपाल के नेता शामिल हैं। एक बहस चल रही है कि ओली को तुरंत हटाया जाना चाहिए। इसका कोई विकल्प नहीं है।’’

बता दें कि नेपाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकारी चेयरमैन पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने पीएम ओली की आलोचना के बाद उनसे अब इस्तीफे की मांग की है। प्रचंड ने ओली को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर पीएम ने इस्तीफा नहीं दिया तो वह पार्टी को तोड़ देंगे। प्रचंड ने खुलासा किया कि पीएम ओली खुद की कुर्सी बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ओली प्रधानमंत्री की कुर्सी के लिए नेपाली सेना का सहारा ले रहे हैं।


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