मुआवजा मिलने से पहले मिस्र नहीं छोड़ेगा स्वेज़ नहर में फंसा एवर गिवेन जहाज

मिस्र के स्वेज़ नहर प्राधिकरण (एससीए) के प्रमुख ने कहा कि एवर गिविंग कंटेनर जहाज को उस वक्त तक नहीं छोड़ा जाएगा। जब तक की होने वाले नुकसान का मुआवजा अदा नहीं कर दिया जाता।

ओसामा रबी ने शनिवार देर रात एक टीवी साक्षात्कार में कहा, “जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और मुआवजे का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक यह पोत यहां रहेगा।”

रबी ने कहा, “हम एक त्वरित समझौते की उम्मीद करते हैं। जिस मिनट में वे मुआवजे के लिए सहमत होते हैं, पोत को स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाएगी।”

25 मार्च को, जापानी फर्म जूती किशन केके के स्वामित्व वाली 400 मीटर लंबी (1,312 फुट) एवर गिवेन चीन से नीदरलैंड तक नौकायन के दौरान लगभग 220,000 टन माल लेकर रवाना हुई थी।

मिस्र के अधिकारियों ने जहाज को वापस निकालने में कामयाबी हासिल की, जो वर्तमान में मिस्र के ग्रेट बिटर झील क्षेत्र में हैं। रबी ने कहा कि SCA ने अनुमान लगाया है कि जहाज से लगभग 1 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।

एससीए अध्यक्ष ने कहा कि प्राधिकरण एवर गिवेन घटना के कारण नहर में फंसे जहाजों की भरपाई की संभावना पर विचार कर रहा है।

रैबी ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण घटना हो सकती है क्योंकि जहाज ने कप्तान के आदेश का पालन नहीं किया। उन्होंने कहा कि स्वेज नहर नौकायन के लिए सुरक्षित है और मिस्र की से’ना द्वारा सुरक्षित है।