WHO का बड़ा बयान – ‘वैक्सीन से ही कोरोना का इलाज हो जाए, ये जरूरी नहीं’

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बढ़ती कोरोना महामारी के बीच चेतावनी जारी कर कहा कि ये आवश्यक नहीं है कि वैक्सीन से कोरोना का इलाज संभव हो जाये।

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक तेद्रोस अधनोम गेब्रयेसुस ने कहा, “कोरोना वायरस के कई टीके अब क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में हैं और हम उम्मीद कर रहे हैं कि लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए इनमें से कुछ प्रभावी होंगे। हालांकि फिलहाल कोई अचूक दवा नहीं है और हो सकता है कि ऐसा कभी हो भी नहीं।”

गेब्रयेसुस ने जेनेवा स्थित मुख्यालय में एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “सरकारों और लोगों के लिए यह साफ संदेश है कि बचाव के लिए सब कुछ करें, जैसे चेहरे पर मास्क लगाएं, शारीरिक दूरी का पालन करें, हाथ धोएं और जांच कराएं।”  गेब्रिएसस ने कहा कि भारत जैसे देशों में ट्रांसमिशन रेट बहुत ज्यादा है और अभी उन्हें काफी लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

शिशुओं के स्तनपान को लेकर उन्होने कहा, “डब्ल्यूएचओ यह सलाह देता है कि जो मां कोरोना संदिग्ध हैं या फिर पॉजिटिव पाईं गईं हैं उन्हें अन्य मांओं की तरह स्तनपान जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए स्तनपान के कई लाभ कोविड-19 के संक्रमण के संभावित जोखिमों से काफी हद तक दूर रखते हैं।”

दुनिया भर में 1.81 करोड़ से ज्यादा लोग इस महामारी से प्रभावित हैं और करीब 6.88 लाख से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। संक्रमण के मामले में अमेरिका पहले पायदान पर है। ब्राजील दूसरे और भारत तीसरे पायदान पर है।


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