खुशखबरी: लाइलाज बीमारी एड्स का मरीज हुआ ठीक, वैज्ञानिकों ने किया दवा की खोज का दावा

लाइलाज बीमारी एड्स (AIDS) का एक मरीज ब्राजील में ठीक हो गया। साओ पाउलो की फेडरल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस बात की जानकारी दी। शोधकर्ताओं के मुताबिक दवाओं के एक मिश्रण के इस्तेमाल से मरीज ठीक हुआ। शोधकर्ताओं ने मरीज का नाम नहीं बताया है।

यूनिवर्सिटी के कहा है कि गोपनीयता कानून की वजह से मरीज का नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को जल्द इसकी जानकारी दी जाएगी। शोधकर्ता डॉ. रिकार्डों डियाज के मुताबिक, ब्राजील के शख्स को अक्टूबर 2012 में एचआईवी डायग्नोज हुआ था। ट्रायल में मरीज ने एड्स के इलाज के दौरान ली जाने वाली दवाएं बंद कर दीं। रिसर्च के दौरान मरीज को लम्बे समय तक हर दो महीने पर एंटीरेट्रोवायरल दवाओं और निकोटिनामाइड ड्रग का कॉम्बिनेशन दिया गया।

एक साल बाद जब मरीज का ब्लड टेस्ट किया गया तो रिपोर्ट निगेटिव आई। मरीज के शरीर में वायरस को खत्म करने के लिए एंटीबॉडी का स्तर क्या रहा, यह पता नहीं चल पाया। शोधकर्ताओं के मुताबिक, दवाओं के कॉम्बिनेशन ने बेहतर काम किया।

रिकवरी के बाद मरीज का कहना है कि मुझे दूसरी जिंदगी मिली है। मैं वायरस मुक्त हो गया हूं, लाखों एचआईवी संक्रमित मरीज ऐसा चाहते हैं। यह जीवन एक गिफ्ट जैसा है। अगर इस मामले की पुष्टि होती है तो यह एड्स का पहला मामला होगा, जहां बिना स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के एचआईवी को शरीर से बाहर निकाला गया। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट से लंदन के एक इंसान को वायरसमुक्त किया गया था।

शोधकर्ता एडम कास्टिलेजा के मुताबिक, मरीज जिंदा है और वायरस मुक्त है। यह साबित करता है कि एड्स का इलाज किया जा सकता है। फिलहाल विशेषज्ञ इस मामले पर लगातार नजर रख रहे हैं कि ब्राजील के शख्स में दोबारा वायरस मिलने का खतरा है या नहीं। यह आगे होने वाली टेस्टिंग में सामने आएगा।


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