5G पर 20 लाख के जुर्माने के बाद अब जुही चावला ने VIDEO जारी कर की ये मांग

90 दशक की क्यूट बॉलीवुड  एक्ट्रेस जूही चावला पर हाल ही में दीली हाई कोर्ट ने 20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। उन पर ये जुर्माना दिल्ली हाईकोर्ट ने 5जी टेक्नोलेजी के खिलाफ याचिका दायर करने को लेकर लगाया था। इसके बाद अब जूही चावला का एक वीडियो सामने आया है।

Video जारी कर उन्होने कहा कि पिछले दिनों में इतना शोर हो गया कि मैं तो अपने आपको ही सुन नहीं पाई इसमें बहुत महत्वपूर्ण संदेश शायद खो गया। वो था कि हम 5G के खिलाफ नहीं हैं। बल्कि हम इसका स्वागत करते हैं, आप प्लीज जरूर लेकर आईए। हम पूछ रहे हैं कि जो अथॉरिटी है वह यह सर्टिफाइ कर दे कि यह सेफ है। हम सिर्फ ये कह रहे हैं कि हमारा ये जो डर है ये निकल जाए, हम सब लोग आराम से जाकर सो जाएं। बता दीजिए ये बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, अजन्मे बच्चों और प्रकृति के लिए सेफ है। हम बस इतना ही पूछ रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि जुही चावला की याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि इससे प्रतीत होता है कि इस मुकदमें को सिर्फ पब्लिसिटी के लिए दायर किया गया। कोर्ट ने कहा कि चिकाकर्ता (जूही चावला) को खुद नहीं पता कि उनकी याचिका तथ्यों पर आधारित नहीं होकर, पूरी तरह से कानूनी सलाह पर आधारित थी। यह जुर्माना उन पर पब्लिसिटी के लिए कोर्ट के समय के दुरुपयोग के लिए लगाया गया है।

जूही की याचिका पर फैसला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इनकी याचिका में सिर्फ कुछ ही ऐसी जानकारी है जो सही है बाकी सिर्फ कयास लगाए गए हैं और संशय जाहिर किया गया है। कोर्ट ने इसके साथ ही जूही चावला से कहा कि वो इस मामले में नियमों के साथ जो कोर्ट की फीस बनती है वो भी जमा करें।

वहीं जुही ने अपनी याचिका में जुही ने कहा था कि 5 जी वायरलेस नेटवर्क से मानव के अलावा पशुओं, वनस्पतियों और जीवों पर भी रेडिएशन का कुप्रभाव पड़ रहा है। उन्होने कहा, इसे लागू किये जाने से पहले इससे जुड़े तमाम तरह के अध्ययनों पर बारीकी से गौर किया जाए और फिर उसके बाद ही इस टेक्नोलॉजी को भारत में लागू करने के बारे में विचार किया जाए।

उन्होने सवाल उठाया था कि  इस नई तकनीक पर क्या पर्याप्त शोध किया गया है? उन्होने ये भी कहा कि यदि 5जी के लिए दूरसंचार उद्योग की योजना सफल होती है तो ऐसा कोई व्यक्ति, पशु-पक्षी, कीट, पेड़ पौधा नहीं होगा जो दिन के 24 घंटे और साल के 365 दिन आरएफ विकिरण के स्तर से बचने में सक्षम होगा जो कि मौजूदा विकिरण से 10 से 100 गुना तक अधिक है।