जूही चावला की 5जी टेक्नोलॉजी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट ने रखा अपना फैसला सुरक्षित

90 दशक की क्यूट बॉलीवुड  एक्ट्रेस जूही चावला ने 5जी टेक्नोलॉजी के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में सोमवार को एक याचिका दायर की थी। जिस पर अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अपनी याचिका में उन्होने5 जी वायरलेस नेटवर्क से मानव के अलावा पशुओं, वनस्पतियों और जीवों को खत’रा बताया है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस जेआर मिड्ढा ने कहा कि वादी दोपहर ढाई बजे तक दो पृष्ठीय नोट दाखिल करें और अदालत 3 बजे मामले की सुनवाई करेगी। अदालत ने कहा कि वह याचिका की सुनवाई शुरू करने समेत चावला और दो अन्य याचिकाकर्ताओं की 4 अर्जियों पर विचार करेगी।

न्यायाधीश ने कहा, ‘‘बचावकर्ता मेरे नोटिस जारी करने तक सुनवाई के अधिकार का दावा नहीं कर सकते। मैं देखूंगा कि क्या उन्हें अधिकार है।” अदालत ने कहा कि सरकार को सूचना दिए बगैर याचिका दायर नहीं की जा सकती।

अपनी याचिका में जुही ने कहा कि 5 जी वायरलेस नेटवर्क से मानव के अलावा पशुओं, वनस्पतियों और जीवों पर भी रेडिएशन का कुप्रभाव पड़ रहा है। उन्होने कहा, इसे लागू किये जाने से पहले इससे जुड़े तमाम तरह के अध्ययनों पर बारीकी से गौर किया जाए और फिर उसके बाद ही इस टेक्नोलॉजी को भारत में लागू करने के बारे में विचार किया जाए।

उन्होने सवाल उठाया कि  इस नई तकनीक पर क्या पर्याप्त शोध किया गया है? उन्होने ये भी कहा कि यदि 5जी के लिए दूरसंचार उद्योग की योजना सफल होती है तो ऐसा कोई व्यक्ति, पशु-पक्षी, कीट, पेड़ पौधा नहीं होगा जो दिन के 24 घंटे और साल के 365 दिन आरएफ विकिरण के स्तर से बचने में सक्षम होगा जो कि मौजूदा विकिरण से 10 से 100 गुना तक अधिक है।

बता दें कि यह मामला सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सी हरिशंकर के पास आया था लेकिन उन्होने इस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग करते हुए मामले को दूसरी बेंच के समक्ष स्थानांतरित कर दिया था।