विचार

पढ़ें ये रिपोर्ट – आखिर शरिया कोर्ट क्या है ?

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रुम्मान फरीदी अपनी आगामी मीटिंग में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भारत के हर ज़िले में शरिया कोर्ट या दारुल क़ज़ा स्थापित करने के एजेंडे पर विचार करने की बात की है। मीडिया में यह बात आते ही एक हंगामा खड़ा...

परिवारों को टूटने से बचाती हैं शरिया अदालत, फिर हंगामा क्यों ?

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उबैद उल्लाह नासिर भारतीय मुसलमानों की प्रतिनिधि संस्था आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा प्रत्येक जिले में “दारुल कुजा” या शरई अदालतों के गठन के एलान के साथ भारत की मीडिया विशेषकर चैनलों ने ऐसा दिखाने और समझाने का...

बिहार के पहले मुस्लिम सीएम अब्दुल गफ़ूर, जो कर दिए गए गुमनाम

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मुहम्मद उमर अशरफ़ आज़ादी के बाद से बिहार में कई मुख्यमंत्री बने। लेकिन आपको जानकर हैरत होगी कि आजादी के बाद से अब तक बिहार में सिर्फ एक ही मुस्लिम सीएम बने हैं। जिन्हे हम लोग अब्दुल गफ़ुर के नाम...

शतरंज का पहला हिन्दुस्तानी खलीफा – ‘मलिक मीर सुल्तान खान’

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अशोक पांडे शतरंज का नाम लेते ही किसी भी भारतीय के मन में स्वाभाविक रूप से विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनन्द की तस्वीर उभरती है. लेकिन 1930 के आसपास एक भारतीय शतरंज खिलाड़ी दुनिया भर के चैम्पियनों को हरा चुका था. 1905...

‘देश के लिये रोने का वक़्त, जनता ने चढ़ा रखा है धतूरा नफरत का’

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मेरे देश के लिये रोने का वक़्त है। अब ऐसा लगता है के fringe यानी समाज के सतह पर बैठी संस्थाएं जो हिंसा फैलाती हैं और मुख्यधारा की बीजेपी मे कोई फर्क़ नहीं रहा। और ये कोई छोटा मोटा नेता...

मुगलों की देन है कुर्ता-पाजामा, भाजपाई छोड़ दे पहनना

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डॉ. शारिक़ अहमद ख़ान पहले अपना पैजामा उतारो और कुर्ता खूंटी पर टांगो,बाबा रामदेव की तरह कपड़े पहनो--यूपी सरकार का कहना है कि मदरसों में कुर्ता-पाजामा की जगह पैंट शर्ट चलेगी। वजह कि कुर्ता-पाजामा से मदरसे के छात्रों की पहचान...

मुद्रा लोन से 7 करोड़ स्वरोज़गार पैदा हुआ, अमित शाह को ये डेटा कहां...

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यह न तंज है और न व्यंग्य है। न ही स्लोगन बाज़ी के लिए बनाया गया सियासी व्यंजन है। रोज़गार के डेटा को लेकर काम करने वाले बहुत पहले से एक ठोस सिस्टम की मांग करते रहे हैं जहां...

रवीश कुमार: कौन और क्यों उकसा रहा है इस भीड़ को?

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जिस भीड़ के ख़तरे के बारे में चार साल से लगातार आगाह कर रहा हूं, वो भीड़ अपनी सनक के चरम पर है या क्या पता अभी इस भीड़ का चरम और दिखना बाकी ही हो. कभी गौ रक्षा...

अजित अंजुम: बलात्कारी हो हिन्दू तो खून नहीं खौलता, पीड़िता मुसलमान हो तो सन्नाटा...

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मैं एक हफ्ते से बाहर था। सोशल मीडिया और मीडिया से भी लगभग दूर। आज ही लौटा। आज ही जाना कि मंदसौर में क्या हुआ। मैंने जैसे ही मनीषा पांडेय की एक पोस्ट शेयर की,  हिंदुत्ववादी भाई लोग आ...

रवीश कुमार: क्या जीएसटी को लेकर सरकार सही आंकड़े बता रही है?

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जीएसटी की दर को लेकर प्रधानमंत्री, अरुण जेटली और पीयूष गोयल तीनों का एक ही बयान छपा है मगर अखबारों में तीनों को अलग अलग स्पेस मिला है। एक बयान अगर दस लोग देते तो दस ख़बरें अलग से...

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