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रवीश कुमार: ‘रेलवे ने भर्तियां बंद की, उदास न हो नौजवान, पोजिटिव रहें व्हाट्स...

रेलवे ने पिछली भर्ती के लोगों को ही पूरी तरह ज्वाइन नहीं कराया है। अब नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है। यही नहीं आउट सोर्सिंग के कारण नौकरियाँ ख़त्म की गई, अब उस आउटसोर्सिंग के स्टाफ़ भी...

‘इस्लाम एक झलक में’ – अबू अशरफ

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी हैं। घर-परिवार के साथ-साथ उस पर मुआशरे की जिम्मेदारियों का भी दायित्व होता है। समाज के सभी धर्म इसकी वकालत करते हैं। इसी संदर्भ में कुरान में भी मानवीय और सामजिक गुणों को तरजीह देकर...

पासवान कहते हैं 2.13 करोड़ प्रवासी मजदूरों को अनाज दिया, बीजेपी कहती है 8...

16 मई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा था कि सभी राज्यों ने जो मोटा-मोटी आंकड़े दिए हैं उसके आधार पर हमें लगता है कि 8 करोड़ प्रवासी मज़दूर हैं जिन्हें मुफ्त में अनाज देने की योजना का...

शहीद वीर अब्दुल हमीद की यौमे पैदाइश पर खिराजे अकीदत पेश करता बेहतरीन लेख

अब्दुल हमीद का जन्म उत्तर प्रदेश में ग़ाज़ीपुर ज़िले के धरमपुर गांव के एक मुस्लिम दर्जी परिवार में 1 जुलाई, 1933 को हुआ। आजीविका के लिए कपड़ों की सिलाई का काम करने वाले मोहम्मद उस्मान के पुत्र अब्दुल हमीद की रुचि अपने इस पारिवारिक कार्य...

‘मिडिल क्लास: तुम मांगोगे किससे, मांगने वाले हाथों को तुमने ही तो कुचला है’

अमरीका में 36,000 पत्रकारों की नौकरी चली गई है या बिना सैलरी के छुट्टी पर भेज दिए गए हैं या सैलरी कम हो गई है। कोविड-19 के कारण। इसके जवाब में प्रेस फ्रीडम डिफेंस फंड बनाया जा रहा है...

‘सतर्क ही रहिए कोरोना से, 4 लाख से अधिक केस और 13000 से अधिक...

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आपके भीतर अब गिनती समाप्त हो चुकी है। आख़िर कोई कब तक गिनेगा। संख्या के प्रति संवेदनशीलता अब वैसी नहीं है जैसी शुरू के दिनों में थी। 100 केस आने पर रग़ों में सिहरन दौड़ जाती थी। अब सिहरन...

रवीश कुमार: काफ़ी अंतर है पुलवामा हम’ले और चीन से गुत्थम गुत्थी के बाद...

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कूटनीति और रणनीति की भाषा बारीक होती है। इसे चुनावी भाषा से अलग रखा जाना चाहिए। व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी की मीम से मुल्क को न समझें। चीन ने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर क़ब्ज़ा किया है या नहीं...

रवीश कुमार: क्या समय रहते जागी है केंद्र सरकार, या देर हो जाने के...

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शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि चेन्नई और मुंबई की तुलना में दिल्ली में टेस्ट कम क्यों हो रहे हैं? दिल्ली में टेस्टिंग एक दिन में 7000 से 5000 क्यों हो गई? कोर्ट ने...

मोहम्मद शाहिद अली मिस्बाही – ‘अपनों का अंजाम देखें फिर फैसला करें’

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मोहम्मद शाहिद अली मिस्बाही इलेक्शन में किसी पार्टी को सपोर्ट करने या उसमें शामिल होने का इरादा रखते हों तो हज़रत अल्लामा शाहिद रज़ा साहब मस्कत उमान की ये तजरबात और हकाइक पर मबनी तहरीर ज़रूर पढ़ें फिर अकेले बैठ...

‘सदियों पुरानी यह गलतफहमी दूर करें, काफिर का मतलब हिन्दू नहीं होता’

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- राजीव शर्मा (कोलसिया) पिछले करीब 1400 सालों से एक शब्द ऐसा है जो अत्यंत विवाद और झगड़े का केंद्र रहा है। वह है- काफ़िर। खासतौर से भारत में यह समझा जाता है कि जो हिंदू है, वह निश्चित रूप...

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